नायब सूबेदार प्रयाग दत्त पाण्डेय
आर्मी संख्या १४०३५०६एन नायब सूबेदार प्रयाग दत्त पांडे का जन्म दिनांक ०२ फरवरी १९५९ को एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार में उत्तराखंड राज्य के जनपद पिथौरागढ़ की तहसील देवलथल के अंतर्गत ब्लॉक कनालीछीना स्थित ग्राम जिनगाल, पोस्ट बिशुनाखान में हुआ। इनके पिता का नाम श्री लोकमणि था। प्रयाग दत्त पांडे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज देवलथल से पूर्ण की। बचपन से ही वे परोपकारी स्वभाव के थे तथा सदैव अपने गांव के लोगों की सहायता को तत्पर रहते थे। उनके इस विनम्र और सेवा भावी व्यक्तित्व के कारण वे पूरे गांव के अत्यंत प्रिय रहे।
प्रयाग दत्त पांडे की देशभक्ति की भावना और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें अल्पायु में ही सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। मात्र १४ वर्ष ५ महीने की आयु में दिनांक २७ फरवरी १९७४ को वे बंगाल इंजीनियर बॉयज़ बटालियन, रूड़की में भर्ती हुए। उन्होंने हाईस्कूल तक की शिक्षा इसी बटालियन से पूरी की। दो वर्ष की बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण के पश्चात, दिनांक १३ मार्च १९७६ को वे औपचारिक रूप से बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप, रूड़की में सेना में शामिल हो गए। कुछ समय बाद इनका विवाह आयु. भागीरथी देवी के साथ सम्पन्न हुआ।
प्रयाग दत्त पांडे को उनके सैन्य जीवन के दौरान जो भी दायित्व सौंपे गए, उन्होंने उन्हें पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ निभाया। चाहे वह प्रशासनिक कार्य हो या युद्धक परिस्थिति, उन्होंने हर मोर्चे पर अपने कर्तव्य का उत्कृष्ट निर्वहन किया। उनकी इसी लगन और प्रतिबद्धता को देखते हुए सेना द्वारा उन्हें “मेरिटोरियस मैडल” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सेना में दी गई उनकी अद्वितीय सेवा का प्रतीक है।
प्रयाग दत्त पांडे ने भारतीय सेना में कुल २६ वर्षों की सेवा दी और दिनांक ३१ मार्च २००० को वे सेवा निवृत्त हुए। सेवा निवृत्ति के उपरांत भी वे समाज सेवा से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में, दिनांक ०५ जून २०२५ तक, वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। देश के लिए उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट सैन्य योगदान के लिए हम उन्हें सादर नमन और सलूट करते हैं।
"उत्कृष्ट सेवा पदक"
नायब सूबेदार प्रयाग दत्त पांडे एक समर्पित, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक रहे हैं, जिन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवा के दौरान अत्यंत सराहनीय योगदान दिया। उनकी निष्ठा, परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें सेना द्वारा “मेधावी सेवा पदक” से सम्मानित किया गया। यह पदक उनके द्वारा राष्ट्र सेवा में किए गए अद्वितीय कार्यों और त्याग का प्रतीक है। वे ना केवल एक आदर्श सैनिक रहे, बल्कि अपने सहकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बने। उनके योगदान को आज भी गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
नायब सूबेदार श्री प्रयाग दत्त पांडे जी भारतीय सेना के एक वीर, अनुशासनप्रिय और राष्ट्रसेवा के लिए पूर्णतः समर्पित सैनिक रहे हैं। उन्होंने अपने सैन्य जीवन में जो अद्वितीय योगदान दिया, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके द्वारा निभाई गई सेवा, कर्तव्यपरायणता और निष्ठा को शब्दों में बाँधना कठिन है। ऐसे वीर सैनिक को हम हृदय से शत-शत नमन, वंदन और श्रद्धा-सम्मान सहित सलाम अर्पित करते हैं। भारतीय सेना में उनके योगदान के लिए हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। जय हिन्द।
