मेजर नरेंद्र सिंह वल्दिया, सेना मेडल **
आईसी ८६५५४ ए मेजर नरेंद्र सिंह वाल्दिया भारतीय सेना के एक अत्यंत योग्य, अनुशासित एवं वीर अधिकारी हैं, जिनका जन्म ०४ मई १९९० को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, पुणे से कक्षा १ से १० तक पूर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने महाराष्ट्र बोर्ड से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने भरली विद्यालय, पुणे से बीईएस और एमसीए की शिक्षा ग्रहण की, तथा भारतीय सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुणे से बीटेक की डिग्री प्राप्त की।
उनका सैन्य जीवन जून २०११ में कमीशन मिलने के साथ प्रारंभ हुआ, जब उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया। उन्हें ३८ असॉल्ट इंजीनियर रेजीमेंट (एमईजी) में नियुक्त किया गया, जो एक विशेष इंजीनियरिंग यूनिट है और दुर्गम परिस्थितियों में कार्य निष्पादन के लिए जानी जाती है।
मेजर नरेंद्र सिंह वाल्दिया को उनके अद्वितीय योगदान, वीरता और नेतृत्व क्षमता के लिए सेना द्वारा कई बार सम्मानित किया गया है। उन्हें दो बार सेना मेडल से सम्मानित किया गया — पहला जनवरी २०२२ में और दूसरा अगस्त २०२२ में। इसके अतिरिक्त, उन्हें वर्ष २०१४ और २०१६ में दो बार सेना प्रमुख (COAS) प्रशस्ति पत्र (Commendation Card) प्राप्त हुआ। उन्हें उत्तरी कमान (Northern Command) की ओर से भी एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी सेवाओं को मान्यता मिली, जब वर्ष २०२४ में संयुक्त राष्ट्र बलों द्वारा उन्हें दक्षिण सूडान (South Sudan, Africa) में सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
मेजर वाल्दिया खेलों में भी अत्यंत प्रतिभावान रहे हैं। उन्होंने रोइंग (Rowing) में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। वे वर्ष २०१४ और २०१५ में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे। इसके साथ ही, उन्होंने श्रीलंका और फिलीपींस में आयोजित एशियन रोइंग चैंपियनशिप (ARAE) में भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अपने किशोरावस्था में ही उन्होंने २००२, २००३ और २००४ में सब-जूनियर राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक हासिल किए।
उनका पैतृक निवास उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जनपद के पौव गाँव में स्थित है। वे एक अत्यंत प्रतिष्ठित सैन्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता कैप्टन सुरेंद्र सिंह वाल्दिया स्वयं एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी रहे हैं और उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी माता श्रीमती राजेश्वरी वाल्दिया एक आदर्श गृहिणी हैं। उनके छोटे भाई मनींदर सिंह वाल्दिया मर्चेंट नेवी में कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर राष्ट्र का गौरव बढ़ा रहे हैं।
मेजर नरेंद्र सिंह वाल्दिया का विवाह श्रीमती संजीवनी वाल्दिया से हुआ, जो बीटेक स्नातक हैं और तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
मेजर नरेंद्र सिंह वाल्दिया को शौर्य, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति के लिए सादर नमन।
उनकी वीरता और अनुकरणीय सेवा भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
उन्होंने हर भूमिका में उत्कृष्टता का परिचय दिया और देश का मान बढ़ाया।
ऐसे वीर सपूत को समस्त राष्ट्र की ओर से श्रद्धा व सम्मान।
