🎖️🔥"शौर्य की शान,




वीर चक्र विजेता की पहचान!"💪

🏅 "वीर चक्र विजेताओं की गौरव गाथा – चित्र दीर्घा"

आई0सी0-905

ब्रिगे० बी०एस० चन्द, कुमॉऊ, बड़ालू-1948

जे0सी0-47747

सु0/ऑ० कैप्टन मानी चन्द 4 कुमॉऊ, बगड़तोली-1948

आई0ई0सी0-5466

मेजर शहीद जवाहर सिंह महर, 1 पैरा, मसपाटी-पैंचोली-1948

जे0सी0-61324

सु०मे० / ऑ० लेप्टी० शेर सिंह, 1 पैरा, (कुमॉऊ), कनारा, गंगोलीहाट-1948

न0-22981

ला0 नायक शहीद भवान सिंह, 4 कुमॉऊ, हिमपानी-नाकोट-1948

न0-16278

रा0 मैन मान सिंह, 1 कुमाँऊ, गीठीगाड़ा-भटेड़ी-1948

जे०सी०-30909

ना० सुबे० गोपाल सिंह, 4 कुमॉऊ, रावलगाँव-जाखपुरान-1948

न0-4136650

हव० प्रताप सिंह 3 कुमाँऊ, बनकोट-पिथौ-1948

न0-19936

ला0 नायक शेर सिंह 3 कुमाँऊ, काण्डे डीडीहाट-1948

जे0सी0-16834

सुबे0 / ऑ० सु०मेजर दलीप चन्द, 3 कुमाँऊ, चहोली-194

जे0सी0-6794892

ना० सुबे० जय दत्त, ए०एम०सी०,

भकुना-1948

जे०सी०-13259

ऑ० कैप्टन करम सिंह, 4 कुमाँऊ,

निडिल-1948

जे०सी०-25493

नाम सुबे० रतन सिंह, ए०एम०सी० सुकदेव-मुरूमुनी-1951

जे0सी0-22614

आ० कैप्टन श्याम मल्ल, 3 कुमाँऊ, शिरालीखेत-भरकटिया-1948

आई०सी०-12970

ले० कर्नल अमर सिंह खाती, 6 कुमॉऊ, कोटली-मड़कटिया-1962

न0-4139362

नायक शहीद बहादुर सिंह 6 कुमाँऊ, नाखेत शिलिंग-1962

जे०सी०-9855

ऑ० लेप्टी० त्रिलोक सिह 1 पैरा (कुमांऊ रेजि०), मैसकोट-1947

जे0सी0-7580

ऑ० लेप्टी० देवजंग साही 3/1 जी०आर०, भाटकोट-1964

न0-4140565

नायक कुंवर सिंह, 5 गार्ड कोटूरा नाचनी-1965

न0-1419977

ऑ० ना० सुबे० गणेश दत्त. 9 कुमाँऊ, टकनाखेत-1965

10-4152120

ला० नायक शहीद दुर्गात 15 कुमॉऊ, बड़ाबे-1971

न0-4141849

हवा किशन सिंह 4 कुमाँऊ दुदिला कमेडीदेवी-1971

आई० सी०-29162

बिग्रे० धन सिंह अधिकारी,वीर चक्र, 15 डोगरा तोली-गुरना-1971

आई० सी०-32779

मेजर मनोहर सिंह चीन 14 जी०आर० अलगाडा-1971 व 1995

न०-13614816

ला० उ० दिवान सिंह पेरा धरना मुवानी-1987

भारत माता के उन सभी वीर सपूतों को शत्‑शत् नमन, जिन्हें अद्वितीय साहस, अपार वीरता और मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा के लिए वीर चक्र जैसे उच्च सैन्य सम्मान से अलंकृत किया गया। आपके अदम्य पराक्रम और युद्धभूमि में दिखाए गए शौर्य ने न केवल देश की रक्षा की, बल्कि भारतवर्ष को गर्व से मस्तक ऊँचा करने का अवसर भी प्रदान किया। आपका बलिदान, साहस और समर्पण हर भारतीय के हृदय में सदैव अमिट रहेगा। वीर चक्र प्राप्त सभी योद्धाओं को यह राष्ट्र श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ नमन करता है — आपकी वीरता अमर है, आपकी गाथा अमिट है, और आपकी प्रेरणा अनंत है।