पूर्व सैनिकों और सैन्य विधवाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
केन्द्रीय सैनिक बोर्ड, राज्य सरकार, उत्तराखण्ड सैनिक पूनर्वास संस्था
पूर्व सैनिकों ने देश की सेवा में अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित किया है। उनके योगदान और बलिदान को सम्मान देने हेतु राज्य सरकारें विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ और रियायतें प्रदान करती हैं। ये सुविधाएँ पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षिक कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दी जाती हैं। नीचे राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य प्रमुख सुविधाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है।
🏷️ एजी शाखा की सेवारत एवं पूर्व सैनिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
भारतीय सेना की एजी (Adjutant General’s) शाखा सेवारत और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करती है। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल सैनिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें और उनके परिवारों को सामाजिक, आर्थिक एवं भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करना है। इनमें पेंशन योजनाएं, पुनर्वास सहायता, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा छात्रवृत्तियां, और आश्रितों के लिए विशेष योजनाएं शामिल हैं। एजी शाखा यह सुनिश्चित करती है कि हर सैनिक को सेवा के दौरान और सेवा के बाद भी गरिमा और सम्मान मिले, और उसका भविष्य सुरक्षित रहे।
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा मिलने वाली कुछ मुख्य सुविधाएं
▪️ छात्रबृति केंद्रीय सैनिक बोर्ड दिल्ली, AWWA, उत्तराखंड सैनिक पूनर्वास संस्था और राज्य सरकार द्वारा दो बच्चों को छात्रबृति मिलती है.
▪️ भर्ती पूर्व प्रशिक्षण:जिन पूर्व सैनिकों के बच्चे भर्ती पूर्व प्रशिक्षण करते हैं और भर्ती हो जाते हैं तो उनको trg के दौरान ₹ 20,000 की सहायता धनराशि मिलती है.
▪️ जिनके बच्चे का NDA, IMA और OTA में selection होता है उनको ₹ 50,000 की सहायता धनराशि मिलती है.
▪️ पेनूरी ग्रांट:65 वर्ष से ऊपर के नॉन पेंशनर्स को ₹ 4,000 प्रति माह की दर से पेनूरी ग्रांट मिलती है. आवश्यक दस्तावेज हेतु ZSK ऑफिस से संपर्क करें.
▪️ सेकंड वर्ल्ड वॉर: विडोज को ₹ 10,000 प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन मिलती है.
▪️ कम्प्यूटर ट्रेनिंग: पूर्व सैनिकों के बच्चे को कंप्यूटर ट्रेनिंग फ्री दी जाती है. उनसे केवल सिक्योरिटी के रूप में कुछ धनराशि ली जाती है जो ट्रेनिंग के बाद वापस कर दी जाती है.
▪️ गृह कर मे छूट. नगरपालिका क्षेत्र मे अपने निजी मकान मे रहने वाले Hav रैंक तक के पूर्व सैनिकों को गृह कर में छूट मिलती है. अधिक जानकारी के लिए ZSK कार्यालय और नगर निगम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.
स्टाम्प ड्यूटी मे छूट: पूर्व सैनिकों को और उनकी पत्नियों को 25 लाख रुपए तक की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप ड्यूटी में 25% तक की छूट मिलती है.
वीरता पदक धारकों को उत्तराखंड सरकार की तरफ से एक मुफ्त और वार्षिकी की अनुदान धनराशि दी जाती है. यह धनराशि समय समय पर बदलती रहती है.
स्वरोजगार हेतु पूर्व सैनिकों को ख़रीदे गये संसाधनों पर सब्सिडी, अपंग सैनिकों को व्हीलचेयर और सैन्य विधवाओं को सिलाई बुनाई की मशीन दी जाती है.
लड़की की शादी के लिए विधवाओं को ₹ 1,00,000 और पूर्व सैनिकों को ₹ 50,000 रूपये की सहायता धनराशि दी जाती है, जो केवल दो लड़कियों के लिए ही दी जाती है.
स्पोर्ट्स प्रोत्साहन सहायता: जिन पूर्व सैनिकों के बच्चे स्टेट से इंटरनेशनल लेबल तक स्पोर्ट्स एक्टिविटी मे हिस्सा लेते हैं और उनके पास सर्टिफिकेट होता है तो उन्हें निम्नलिखित रूप मे प्रोत्साहन सहायता धनराशि मिलती है :-
1. प्रदेश लेवल पर एक लाख.
2. राष्ट्रीय लेवल पर दो लाख़.
3. अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर चार लाख. दैवीय आपदा: जैसे भूस्खलन, भूकंप और अग्निकांड हादसों मे राज्य सरकार की तरफ से सहायता राशि मिलती है.
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय मे कुछ आवश्यक कामों के लिए निम्नलिखित दस्तावेज लेकर जाना सुनिश्चित करें.
पूर्व सैनिक पहचान पत्र.
▪️डिस्चार्ज बुक.
▪️पी. पी. ओ.
▪️आधार कार्ड.
▪️पैन कार्ड.
▪️पासपोर्ट फोटो – 5.
▪️जॉइंट फोटो – 1.
▪️बैंक खाता डिटेल्स.
▪️बच्चों के फोटो.
विधवा पहचान पत्र.
▪️पूर्व सैनिक का मृत्यु प्रमाण पत्र.
▪️ESM के डिस्चार्ज बुक, पहचान पत्र और पी. पी. ओ. की मूल प्रति.
▪️विधवा का आधार कार्ड और पैन कार्ड.
▪️बैंक खाता डिटेल्स.
▪️विधवा की लेटेस्ट फोटो -3.
CSD कार्ड बनवाने हेतु.
▪️डिस्चार्ज बुक.
▪️पी. पी. ओ.
▪️आधार और पैन कार्ड.
▪️जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का प्रमाण पत्र.
▪️फोटोग्राफस.
दाह संस्कार हेतु.
▪️ESM का मृत्यु प्रमाण पत्र.
▪️डिस्चार्ज बुक और पी. पी. ओ.
▪️ESM का पहचान पत्र.
▪️विधवा का आधार कार्ड, पैन कार्ड.
▪️बैंक खाते का Ist पेज.
नाम संशोधन हेतु.
▪️अपनी तरफ से Records को प्रार्थना पत्र.
▪️शपथ पत्र SDM द्वारा सत्यापित.
▪️परिवार रजिस्टर की नक़ल.
▪️High school का सर्टिफिकेट.
▪️दो नेशनल पेपर के विज्ञापन की कटिंग.
▪️परिवार के समस्त सदस्यों के आधार कार्ड.
(सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ मे रखनी हैं)
पार्ट टू आर्डर हेतु.
▪️अपनी तरफ से Records को प्रार्थना पत्र.
▪️शपथ पत्र SDM द्वारा सत्यापित.
▪️परिवार रजिस्टर की नक़ल.
▪️High school का सर्टिफिकेट.
▪️डिक्लेरेशन फार्म ZSK कार्यालय से.
▪️परिवार के समस्त सदस्यों के आधार कार्ड.
▪️प्रत्येक़ बच्चे की 3 फोटो. एक फोटो पेपर मे चिपकाकर उसे ग्राम प्रधान द्वारा सत्यापित किया हुवा.
(सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ मे रखनी हैं)
पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
▪ रिटायरमेंट के बाद सबसे पहले जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जाकर अपना पंजीकरण करवाएं और ESM Identity Card प्राप्त करें. उसके बाद Stn HQ मे जाकर कैंटीन के कार्ड्स और ECHS cards की कार्यवाही करनी चाहिए.
डॉक्यूमेंटेशन :-
▪आपके सैन्य डाक्यूमेंट्स के अनुसार ही आपके और आपकी पत्नी के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ECHS कार्ड, बैंक खाते और गांव के परिवार रजिस्टर मे नाम और जन्मतिथि समान होनी चाहिए. इसके साथ साथ आपके बच्चों के दस्तावेजों मे भी उनके नाम और जन्मतिथि आपके डिस्चार्ज बुक और PPO के अनुसार सही होने चाहिए.
▪अगर किसी की पत्नी का नाम नॉमिनी के रूप मे उनके PPO और बैंक अकाउंट मे नहीं है तो उन्हें सोल्जर बोर्ड में जाकर जॉइंट नोटिफिकेशन की कार्रवाई करनी चाहिए.
▪आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से, पैन कार्ड से, बैंक खाते से और ई.सी.एच.एस. कार्ड से लिंक होना चाहिए.
▪अगर कोई सैनिक रिटायरमेंट के बाद शादी करता है या किसी की पत्नी की मृत्यु हो जाती है और वह दूसरी शादी करता है तो उसे जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के माध्यम से Part II Order मे Changes की कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो फैमिली पेंशन मिलने में दिक्कत आ सकती है.
▪अगर किसी का पुत्र 100% डिसेबल्ड है और पुत्री अविवाहित है तो माँ बाप की मृत्यु के बाद उनको पेंशन मिलने का प्रावधान है. इसके लिए आपको अपना जीवित रहते हुए disabled बच्चों का Part II Order जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से करवाना चाहिए.
▪आप अपनी पत्नी और बच्चों के आइडेंटी कार्ड ZSK कार्यालय से बनवा सकते हैं, जिसका आपको कई जगहों पर लाभ मिल सकता है.
▪ ECHS Card. आपके पास 64 KB का ECHS card होना जरूरी है तभी आपको मेडिकल फैसिलिटी मिल पायेगी.
अगर किसी के बच्चे और पेरेंट्स डिपेंडेंट है तो उनके जीवित प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र साल मे एक बार ECHS मे देना जरूरी होता है.
▪ पेंशन अकाउंट. आप अपने पेंशन अकाउंट को जॉइंट अकाउंट मे परिवर्तित करवा लें, साथ ही इसे डी.एस.पी. अकाउंट में भी चेंज करवा लें.
जो नए पेंशन आए हैं वह भी बैंक मे जाकर अपने डी.एस.पी. अकाउंट में सर्विस कोड को रिटायर्ड पेंशन कोड में बदलने की कार्यवाही कर लें.
डी.एस.पी. अकाउंट के कई फायदे होते हैं जैसे – जीरो बैलेंस फैसिलिटी, ऐड ऑन कार्ड फैसिलिटी और ए.टी.एम. मेंटेनेंस, एस.एम.एस. अलर्ट चार्ज, DD और NEFT बनाने मे लगने वाले चार्ज तथा लोन प्रोसेसिंग चार्ज सब फ्री होते हैं.
इसके अलावा अगर किसी पेंशनर की एक्सीडेंट में डेथ हो जाती है और उसका पेंशन अकाउंट DSP अकाउंट के रूप मे एक्टिव है तो उसको बैंक की तरफ से 30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी मिलती है.
▪ ESM की मृत्यु पर निम्न रूप मे आर्थिक सहायता मिलती है :-
. ADRL. CSD से ₹ 10,000/-
. Stn HQ से ₹ 7,000/-
. ZSK से ₹ 10,000/-
▪ एडिशनल पेंशन. 80 साल से ऊपर के पेंसनर्स को निम्न रूप मे अतिरिक्त पेंशन मिलती है :-
.80 साल से ऊपर 20%
.85 साल से ऊपर 30%
.90 साल से ऊपर 40%
.95 साल से ऊपर 50%
.100 साल से ऊपर 100%
फैमिली पेंशन के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी.
फैमिली पेंशन के लिए PPO मुख्य दस्तावेज होता है.
▪️ यदि किसी पूर्व सैनिक के PPO में NOK यानी फैमिली का नॉमिनेशन नहीं रहता है तो वह single PPO कहलाता है, इसलिए पूर्व सैनिक को जीते जी जॉइंट नोटिफिकेशन की कार्रवाई कर लेनी चाहिए.
▪️यदि किसी पूर्व सैनिक के PPO में पत्नी का नाम नॉमिनेशंस के रूप में दर्ज है तो वह joint PPO कहलाता है. इसी PPO से ESM की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को फैमिली पेंशन मिलती है.
▪️पूर्व सैनिक के जीवित रहते हुए पत्नी के नाम पर अलग से PPO जारी नहीं होता है.
▪️ यदि किसी सैनिक की मृत्यु हो जाती है और उसका joint PPO नहीं होता है तो उस हालात में रिकॉर्ड ऑफिस से पेंशन डॉक्यूमेंट मंगाने पड़ते हैं, फिर पी.सी.डीए. इलाहाबाद द्वारा PPO जारी किया जाता है और उसके बाद ही विधवा को फैमिली पेंशन मिलती है.
▪️पूर्व सैनिक को विशेष तौर से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :-
1.आपके पास जॉइंट PPO होना चाहिए और बैंक में पत्नी का नाम नॉमिनेशन के रूप मे दर्ज होना चाहिए.
2. आपका पेंशन अकाउंट जॉइंट अकाउंट के रूप में और डी.एस.पी. अकाउंट के रूप में होना चाहिए.
3. आपके PPO में, Disch Book मे, पेंशन अकाउंट मे पत्नी का नाम और जन्मतिथि सही होहोना चाहिए, साथ ही पत्नी का आधार कार्ड और पैन कार्ड में भी नाम और जन्मतिथि आपके सैन्य दस्तावेजों के अनुसार ही होना चाहिए.
CSD सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी.
CSD सुविधा किनको लागू है:-
▪️आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के सेवारत और सेवानिवृत सैनिक.
▪️आसाम राइफल.
▪️कोस्ट गार्ड पर्सनल.
▪️ग्रीफ पर्सनल.
▪️TA पर्सनल.
▪️सैन्य विधवा और आश्रित.
▪️डिफेन्स सिविलियन.
ग्रोसेरी सामान की लिमिट
▪️Offrs – ₹ 11,000 pm
▪️JCOs – ₹ 8,000 pm
▪️NCO/और – ₹ 5,500 pm
Liquor quota.
Serving Offrs – 10 btls.
Serving JCOs – 7 btls.
Serving NCOs – 5 btls.
Retd Offrs – 10 btls.
Retd JCOs – 6 btls.
Retd NCOs – 4 btls.
Widows – 1/2 of ESM quota
🏷️ भारतीय सेना में भर्ती होने की पात्रता मापदंड
